साँसों को साँसों में ढलने दो ज़रा

साँसों को साँसों में
ढलने दो ज़रा
धीमी-सी धड़कन को
बढ़ने दो ज़रा
लम्हों की गुज़ारिश है ये
पास आ जाएँ
हम, हम-तुम,

आँखों से हमको
उतरने दो ज़रा
बाँहों में हमको
पिघलने दो ज़रा
लम्हों की गुज़ारिश है ये
पास आ जाएँ
हम, हम-तुम,

सलवटें कहीं, करवटें कहीं
फैल जाए काजल भी तेरा
नज़रों में हो गुज़रता हुआ
ख़्वाबों का कोई क़ाफ़िला
ज़िस्मों को, रूहों को जलने दो ज़रा
शर्मो-हया को मचलने दो ज़रा
लम्हों की गुज़ारिश है ये
पास आ जाएँ
हम, हम-तुम,

छू लो बदन
मगर इस तरह
जैसे सुरीला साज़ हो
अँधेरे छुपे तेरी ज़ुल्फ़ में
खोलो कि रात आज़ाद हो
आँचल को सीने से ढलने दो ज़रा
शबनम की बूँदें फिसलने दो ज़रा
लम्हों से गुज़ारिश है ये
पास आ जाएँ
हम, हम-तुम,

साँसों को साँसों में
ढलने दो ज़रा
बाँहों में हमको
पिघलने दो ज़रा
लम्हों की गुज़ारिश है ये।

Saanson Ko Saanson Mein Dhalne Do Zara

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