अगर तलाश करूँ कोई मिल ही जाएगा

अगर तलाश करूँ कोई मिल ही जाएगा
मगर तुम्हारी तरह कौन मुझ को चाहेगा,

तुम्हें ज़रूर कोई चाहतों से देखेगा
मगर वो आँखें हमारी कहाँ से लाएगा,

न जाने कब तिरे दिल पर नई सी दस्तक हो
मकान ख़ाली हुआ है तो कोई आएगा,

मैं अपनी राह में दीवार बन के बैठा हूँ
अगर वो आया तो किस रास्ते से आएगा,

तुम्हारे साथ ये मौसम फ़रिश्तों जैसा है
तुम्हारे बा’द ये मौसम बहुत सताएगा।

Agar Talash Karun Koi Mil Hi Jaega

अगर तलाश करूँ कोई मिल ही जाएगा
मगर तुम्हारी तरह कौन मुझ को चाहेगा,

तुम्हें ज़रूर कोई चाहतों से देखेगा
मगर वो आँखें हमारी कहाँ से लाएगा,

न जाने कब तिरे दिल पर नई सी दस्तक हो
मकान ख़ाली हुआ है तो कोई आएगा,

मैं अपनी राह में दीवार बन के बैठा हूँ
अगर वो आया तो किस रास्ते से आएगा,

तुम्हारे साथ ये मौसम फ़रिश्तों जैसा है
तुम्हारे बा’द ये मौसम बहुत सताएगा।

اگر تلاش کروں کوئی مل ہی جائے گا

اگر تلاش کروں کوئی مل ہی جائے گا
مگر تمہاری طرح کون مجھ کو چاہے گا

تمہیں ضرور کوئی چاہتوں سے دیکھے گا
مگر وہ آنکھیں ہماری کہاں سے لائے گا

نہ جانے کب ترے دل پر نئی سی دستک ہو
مکان خالی ہوا ہے تو کوئی آئے گا

میں اپنی راہ میں دیوار بن کے بیٹھا ہوں
اگر وہ آیا تو کس راستے سے آئے گا

تمہارے ساتھ یہ موسم فرشتوں جیسا ہے
تمہارے بعد یہ موسم بہت ستائے گا

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