अब दिल है उन के हल्क़ा-ए-दाम-ए-जमाल में

Ab Dil Hai Un Ke Halqa-E-Dam-E-Jamal Mein - अब दिल है उन के हल्क़ा-ए-दाम-ए-जमाल में

अब दिल है उन के हल्क़ा-ए-दाम-ए-जमाल में देखा न था जिन्हें कभी ख़्वाब-ओ-ख़याल में, ऐ तल्ख़ी-ए-फ़िराक़ ब-जुज़ नाला-ए-अलम पाया न कुछ भी मैं ने उमीद-ए-विसाल में, फ़ितरत ने दे के इश्क़ को एहसास-ए-ज़ब्त-ए-शौक़ उलझा दिया है कशमकश-ए-ला-ज़वाल में, बार-ए-ग़म-ए-जहाँ भी है तेरा ख़याल भी हैं कितनी वुसअतें दिल-ए-आशुफ़्ता-हाल में, आवाज़ दी है तुझ को तसव्वुर … Read more

कलियाँ चटक रही हैं बहारों की गोद में

Kaliyan Chatak Rahi Hain Bahaaron Ki God Mein - कलियाँ चटक रही हैं बहारों की गोद में

कलियाँ चटक रही हैं बहारों की गोद में जल्वों की महफ़िलें हैं सितारों की गोद में, वो मौज जिस के ख़ौफ़ से पतवार गिर पड़े कश्ती को ले गई है किनारों की गोद में, मंज़िल सिमट के ख़ुद ही मिरे पास आ गई मैं सर-गराँ थी राह-गुज़ारों की गोद में, यूँ तो दिए फ़रेब सहारों … Read more