हुस्न पर फ़िरऔन की फबती कही

husn par firaun ki phabti kahi - हुस्न पर फ़िरऔन की फबती कही

हुस्न पर फ़िरऔन की फबती कही हाथ लाना यार क्यूँ कैसी कही, दामन-ए-यूसुफ़ ही भड़काता रहा इश्क़ और तर्क-ए-अदब अच्छी कही, कौन समझाए कि दुनिया गोल है आप ने जैसी सुनी वैसी कही, कोई ज़िद थी या समझ का फेर था मन गए वो मैं ने जब उल्टी कही, दर्द से पहले करूँ फ़िक्र-ए-दवा वाह … Read more

क्यूँ किसी से वफ़ा करे कोई

kyun kisi se wafa kare koi - क्यूँ किसी से वफ़ा करे कोई

क्यूँ किसी से वफ़ा करे कोई दिल न माने तो क्या करे कोई, न दवा चाहिए मुझे न दुआ काश अपनी दवा करे कोई, मुफ़लिसी में मिज़ाज शाहाना किस मरज़ की दवा करे कोई, दर्द हो तो दवा भी मुमकिन है वहम की क्या दवा करे कोई, हँस भी लेता हूँ ऊपरी दिल से जी … Read more