उम्र को करती हैं पामाल बराबर यादें

Umr Ko Karti Hain Pamal Barabar Yaaden - उम्र को करती हैं पामाल बराबर यादें

उम्र को करती हैं पामाल बराबर यादें मरने देती हैं न जीने ये सितमगर यादें, हैं कभी ख़ून-ए-तमन्ना की शनावर यादें शाख़-ए-दिल पर हैं कभी बर्ग-ए-गुल-ए-तर यादें, हिम्मत-ए-कोह-कनी पर भी कभी भारी हैं और तुलती हैं कभी नोक-ए-मिज़ा पर यादें, थक के दुनिया से अगर कीजिए ख़्वाबों की तलाश नींद उड़ा देती हैं अफ़्साने सुना … Read more

लिपटी हुई फिरती है नसीम उन की क़बा से

Lipti Hui Phirti Hai Nasim Unki Qaba Se - लिपटी हुई फिरती है नसीम उन की क़बा से

लिपटी हुई फिरती है नसीम उन की क़बा से गुल खिलते हैं हर गाम पे दामन की हवा से, दिल ऐसा दिया क्यूँ कि रहा कुश्ता-ए-जानाँ तुम से नहीं ये शिकवा भी करना है ख़ुदा से, महरम हैं हमीं गर्मी-ए-गुफ़्तार से उन की जो होंट जो आँखें हैं गिराँ-बार हया से, आहिस्ता करो चाक गुलो … Read more