बीमार-ए-ग़म का कोई मुदावा न कीजिए

Bimar-E-Gham Ka Koi Mudawa Na Kijiye - बीमार-ए-ग़म का कोई मुदावा न कीजिए

बीमार-ए-ग़म का कोई मुदावा न कीजिए यानी सितमगरी भी गवारा न कीजिए, रुस्वाई है तो ये भी गवारा न कीजिए या’नी पस-ए-ख़याल भी आया न कीजिए, ज़र्फ़-ए-निगाह चाहिए दीदार के लिए रुख़ को पस-ए-नक़ाब छुपाया न कीजिए, दिल शौक़ से जलाइए इंकार है किसे लेकिन जला जला के बुझाया न कीजिए, पर्दा निगाह का है … Read more

यूँ भी तेरा एहसान है आने के लिए आ

Yun Bhi Tera Ehsan Hai Aane Ke Liye Aa - यूँ भी तेरा एहसान है आने के लिए आ

यूँ भी तेरा एहसान है आने के लिए आ ऐ दोस्त किसी रोज़ न जाने के लिए आ, हर-चंद नहीं शौक़ को यारा-ए-तमाशा ख़ुद को न सही मुझ को दिखाने के लिए आ, ये उम्र, ये बरसात, ये भीगी हुइ रातें इन रातों को अफ़्साना बनाने के लिए आ, जैसे तुझे आते हैं न आने … Read more