हसीं यादों से ख़ल्वत अंजुमन है

Hasin Yaadon Se Khalwat Anjuman Hai - हसीं यादों से ख़ल्वत अंजुमन है

हसीं यादों से ख़ल्वत अंजुमन है ख़मोशी नग़्मा-ज़ार-ए-सद-सुख़न है, निगार-ए-गुल-बदन गुल-पैरहन है धनक रक़्साँ चमन-अंदर-चमन है, मिरी दीवानगी पर हँसने वालो यहाँ फ़र्ज़ानगी दीवाना-पन है, मुबारक रह-रव-ए-राह-ए-तमन्ना वतन ग़ुर्बत में है ग़ुर्बत वतन है, डरा सकते नहीं ख़ूनीं अँधेरे निगाह-ए-बे-दिलाँ ज़ुल्मत-शिकन है, ख़ुशी अर्ज़ां है बाज़ार-ए-जहाँ में बहा-ए-ग़म मता-ए-जान-ओ-तन है, अज़ल से ‘वज्द’ हर क़तरे … Read more

ख़ुश-जमालों की याद आती है

Khush-Jamalon Ki Yaad Aati Hai - ख़ुश-जमालों की याद आती है

ख़ुश-जमालों की याद आती है बे-मिसालों की याद आती है, बाइस-ए-रश्क मेहर-ओ-माह थे जो उन हिलालों की याद आती है, जिन की आँखों में था सुरूर-ए-ग़ज़ल उन ग़ज़ालों की याद आती है, सादगी ला-जवाब है जिन की उन सवालों की याद आती है। Khush-Jamalon Ki Yaad Aati Hai khush-jamalon ki yaad aati hai be-misalon ki … Read more