ख़ूब रोका शिकायतों से मुझे

Khub Roka Shikayaton Se Mujhe - ख़ूब रोका शिकायतों से मुझे

ख़ूब रोका शिकायतों से मुझे तू ने मारा इनायतों से मुझे, वाजिब-उल-क़त्ल उस ने ठहराया आयतों से रिवायतों से मुझे, कहते क्या क्या हैं देख तो अग़्यार यार तेरी हिमायतों से मुझे, क्या ग़ज़ब है कि दोस्त तू समझे दुश्मनों की रिआयतों से मुझे, दम-ए-गिर्या कमी न कर ऐ चश्म शौक़ कम है किफ़ायतों से … Read more

वक़्त-ए-पीरी शबाब की बातें

Waqt-E-Piri Shabab Ki Baaten - वक़्त-ए-पीरी शबाब की बातें

वक़्त-ए-पीरी शबाब की बातें ऐसी हैं जैसे ख़्वाब की बातें, फिर मुझे ले चला उधर देखो दिल-ए-ख़ाना-ख़राब की बातें, वाइज़ा छोड़ ज़िक्र-ए-नेमत-ए-ख़ुल्द कह शराब-ओ-कबाब की बातें, मह-जबीं याद हैं कि भूल गए वो शब-ए-माहताब की बातें, हर्फ़ आया जो आबरू पे मिरी हैं ये चश्म-ए-पुर-आब की बातें, सुनते हैं उस को छेड़ छेड़ के हम … Read more