क्यूँ परेशान हुआ जाता है दिल क्या जाने

Kyun Pareshan Hua Jata Hai Dil Kya Jaane - क्यूँ परेशान हुआ जाता है दिल क्या जाने

क्यूँ परेशान हुआ जाता है दिल क्या जाने कैसा पागल है कि पानी को भी सहरा जाने, मैं वो आवारा कि बादल भी ख़फ़ा हैं मुझ से तू ज़माने को भी ठहरा हुआ लम्हा जाने, धूप की गर्द फ़ज़ाओं में दिलों में ताबूत हर नफ़स ख़ुद को बस इक आग का दरिया जाने, ओस की … Read more

समझ सके न जिसे कोई भी सवाल ऐसा

Samajh Sake Na Jise Koi Bhi Sawal Aisa - समझ सके न जिसे कोई भी सवाल ऐसा

समझ सके न जिसे कोई भी सवाल ऐसा बुना है साँस के धागों ने एक जाल ऐसा, कभी दिमाग़ था मुझ को भी ख़ुद-परस्ती का पलट के ज़ेहन में आया न फिर ख़याल ऐसा, मैं आसमाँ तो न था जिस में चाँद छुप जाते हुआ न होगा किसी का कभी ज़वाल ऐसा, तमाम उम्र नए … Read more