मेरे हमनफस मेरे हमनवा मुझे दोस्त बन के दग़ा न दे

mere humnafas mere humnawa - मेरे हमनफस मेरे हमनवा

मेरे हम-नफ़स मेरे हम-नवा मुझे दोस्त बन के दग़ा न दे मैं हूँ दर्द-ए-इश्क़ से जाँ-ब-लब मुझे ज़िंदगी की दुआ न दे, मेरे दाग़-ए-दिल से है रौशनी इसी रौशनी से है ज़िंदगी मुझे डर है ऐ मिरे चारा-गर ये चराग़ तू ही बुझा न दे, मुझे छोड़ दे मिरे हाल पर तिरा क्या भरोसा है … Read more