जैसे किसी से वस्ल का वादा वफ़ा हुआ

jaise kisi se wasl ka wada wafa hua - जैसे किसी से वस्ल का वादा वफ़ा हुआ

जैसे किसी से वस्ल का वादा वफ़ा हुआ यूँ सुब्ह-दम चराग़ से शोला जुदा हुआ, ज़हराब-ए-ग़म का कोई असर हो तो किस तरह सीने में दिल है दिल भी लहू में बुझा हुआ, तुझ से सदा-बहार को अँदेशा-ए-ख़िज़ाँ पूरा न हो ख़ुदा करे तेरा कहा हुआ, इस चश्म-ए-मय-फ़रोश से पी जिस का एक उम्र इक … Read more

मुझ पे ऐसा कोई शेर नाज़िल न हो

mujh pe aisa koi sher nazil na ho - मुझ पे ऐसा कोई शेर नाज़िल न हो

मुझ पे ऐसा कोई शेर नाज़िल न हो जिस की हिद्दत मिरे ख़ूँ में शामिल न हो, फ़िक्र ऐसे मुहीत-ए-सुख़न की करो जिस की अमवाज का कोई साहिल न हो, आज इक बिन्त-ए-मरियम है आग़ोश में मुझ पे ऐ रूह-ए-क़ुद्स आज नाज़िल न हो, बे-मुहाबा मिले हिज्र हो बा-विसाल कोई दीवार रस्ते में माइल न … Read more