जब यार ने उठा कर ज़ुल्फ़ों के बाल बाँधे

jab yar ne utha kar zulfon ke baal bandhe - जब यार ने उठा कर ज़ुल्फ़ों के बाल बाँधे

जब यार ने उठा कर ज़ुल्फ़ों के बाल बाँधे तब मैं ने अपने दिल में लाखों ख़याल बाँधे, दो दिन में हम तो रीझे ऐ वाए हाल उन का गुज़रे हैं जिन के दिल को याँ माह-ओ-साल बाँधे, तार-ए-निगह में उस के क्यूँकर फँसे न ये दिल आँखों ने जिस के लाखों वहशी ग़ज़ाल बाँधे, … Read more