दर्द जब शायरी में ढलते हैं

Dard Jab Shayari Mein Dhalte Hain - दर्द जब शाएरी में ढलते हैं

दर्द जब शाएरी में ढलते हैं दिल में हर-सू चराग़ जुलते हैं, कोई शय एक सी नहीं रहती उम्र ढलती है ग़म बदलते हैं, जो नहीं माँगता किसी से कुछ शहर के लोग उस से जलते हैं, उस की मंज़िल जुदा हमारी जुदा आज गो साथ साथ चलते हैं, लखनऊ शाएरी शराब जुनूँ रिश्ते सौ … Read more

कैसे हो क्या है हाल मत पूछो

Kaise Ho Kya Hai Haal Mat Puchho - कैसे हो क्या है हाल मत पूछो

कैसे हो क्या है हाल मत पूछो मुझ से मुश्किल सवाल मत पूछो, किस ने तुम को सताया है इतना किस लिए है मलाल मत पूछो, क्यूँ वो ख़ुद को नज़र नहीं आता क्यूँ है शीशे में बाल मत पूछो, जब्र किस का है कौन है मजबूर किस ने फेंका है जाल मत पूछो, कौन … Read more