कहानी लिखते हुए दास्ताँ सुनाते हुए

कहानी लिखते हुए दास्ताँ सुनाते हुए - kahani likhte hue dastan sunate hue

कहानी लिखते हुए दास्ताँ सुनाते हुए वो सो गया है मुझे ख़्वाब से जगाते हुए, दिए की लौ से छलकता है उस के हुस्न का अक्स सिंगार करते हुए आईना सजाते हुए, अब इस जगह से कई रास्ते निकलते हैं मैं गुम हुआ था जहाँ रास्ता बताते हुए, पुकारते हैं उन्हें साहिलों के सन्नाटे जो … Read more