नाज़ुकी हाए उस के होंटों की

Nazuki Hae Uske Honton Ki - नाज़ुकी हाए उस के होंटों की

नाज़ुकी हाए उस के होंटों की ‘मीर’ के शे’र से भी नाज़ुक थी, उम्र के रास्ते में आ भटकी एक ख़्वाहिश अभी जो बच्ची थी, उस की सब से हसीन कारीगरी एक तुम और तुम्हारा शैदाई, रात के दो बजे सितारों की जाने क्यों आँख लगते-लगते रही, कल हमें ज़िंदगी से शिकवा था और अब … Read more

जितना मख़ौल आज मिरी ज़िंदगी को है

Jitna Makhaul Aaj Meri Zindagi Ko Hai - जितना मख़ौल आज मिरी ज़िंदगी को है

जितना मख़ौल आज मिरी ज़िंदगी को है शायद ही इस ज़माने में होता किसी को है, आगे का कुछ पता नहीं इस वक़्त तो उन्हें इतनी है रस्म-ओ-राह कि होती किसी को है, हम से तो पूछने का सबब कुछ नहीं तो क्या जितना है जोश-ए-वस्ल सो उतना उसी को है, दुनिया बहुत अजीब है … Read more