साँसों को साँसों में ढलने दो ज़रा

saanson ko saanson mein dhalne do zara - साँसों को साँसों में ढलने दो ज़रा

साँसों को साँसों में ढलने दो ज़रा धीमी-सी धड़कन को बढ़ने दो ज़रा लम्हों की गुज़ारिश है ये पास आ जाएँ हम, हम-तुम, आँखों से हमको उतरने दो ज़रा बाँहों में हमको पिघलने दो ज़रा लम्हों की गुज़ारिश है ये पास आ जाएँ हम, हम-तुम, सलवटें कहीं, करवटें कहीं फैल जाए काजल भी तेरा नज़रों … Read more

चाँद सिफारिश जो करता हमारी

chand sifarish Lyrics Poem | चाँद सिफारिश

चाँद सिफ़ारिश जो करता हमारी देता वो तुमको बता शर्म-ओ-हया पे परदे गिरा के करनी है हमको खता तेरी अदा भी है झोंके वाली छू के गुज़र जाने दे तेरी लचक है के जैसे डाली दिल में उतर जाने दे आजा बाहों में करके बहाने होना है तुझमे फ़ना चाँद सिफ़ारिश जो करता हमारी देता … Read more