कुछ तो हवा भी सर्द थी

Kuch to Hawa Bhi Sard Thi - कुछ तो हवा भी सर्द थी

कुछ तो हवा भी सर्द थी कुछ था तेरा ख़याल भी दिल को ख़ुशी के साथ साथ होता रहा मलाल भी, बात वो आधी रात की रात वो पूरे चाँद की चाँद भी ऐन चेत का उस पे तेरा जमाल भी, सब से नज़र बचा के वो मुझ को ऐसे देखते एक दफ़ा तो रुक … Read more