वो बात बात में इतना बदलता जाता है

Wo Baat Baat Mein Itna Badalta Jata Hai - वो बात बात में इतना बदलता जाता है

वो बात बात में इतना बदलता जाता है कि जिस तरह कोई लहजा बदलता जाता है, ये आरज़ू थी कि हम उस के साथ साथ चलें मगर वो शख़्स तो रस्ता बदलता जाता है, रुतें विसाल की अब ख़्वाब होने वाली हैं कि उस की बात का लहजा बदलता जाता है, रहा जो धूप में … Read more

तुझ से अब और मोहब्बत नहीं की जा सकती

tujhse ab aur mohabbat nahin ki ja sakti - तुझ से अब और मोहब्बत नहीं की जा सकती

तुझ से अब और मोहब्बत नहीं की जा सकती ख़ुद को इतनी भी अज़िय्यत नहीं दी जा सकती, जानते हैं कि यक़ीं टूट रहा है दिल पर फिर भी अब तर्क ये वहशत नहीं की जा सकती, हब्स का शहर है और उस में किसी भी सूरत साँस लेने की सहूलत नहीं दी जा सकती, … Read more