गलियों की बस ख़ाक उड़ा के जाना है

galiyon ki bas khak uda ke jaana hai - गलियों की बस ख़ाक उड़ा के जाना है

गलियों की बस ख़ाक उड़ा के जाना है हम को भी आवाज़ लगा के जाना है, रस्ते में दीवार है टूटे ख़्वाबों की हम को वो दीवार गिरा के जाना है, हम भी इक दिन आएगा जब जाएँगे हम को भी ये रस्म निभा के जाना है, जो भी है वो सब मिट्टी हो जाएगा … Read more

यादें पागल कर देती हैं

yaaden pagal kar deti hain - यादें पागल कर देती हैं

यादें पागल कर देती हैं बातें पागल कर देती हैं, चेहरा होश उड़ा देता है आँखें पागल कर देती हैं, तन्हा चलने वालों को ये राहें पागल कर देती हैं, दिन तो ख़ैर गुज़र जाता है रातें पागल कर देती हैं। Yaaden Pagal Kar Deti Hain yaaden pagal kar deti hain baaten pagal kar deti … Read more