दिल धड़कने का सबब याद आया

dil dhadakne ka sabab yaad aaya - दिल धड़कने का सबब याद आया

दिल धड़कने का सबब याद आया वो तिरी याद थी अब याद आया, आज मुश्किल था सँभलना ऐ दोस्त तू मुसीबत में अजब याद आया, दिन गुज़ारा था बड़ी मुश्किल से फिर तिरा वादा-ए-शब याद आया, तेरा भूला हुआ पैमान-ए-वफ़ा मर रहेंगे अगर अब याद आया, फिर कई लोग नज़र से गुज़रे फिर कोई शहर-ए-तरब … Read more