यूँ तो वो हर किसी से मिलती है

yun to wo har kisi se milti hai - यूँ तो वो हर किसी से मिलती है

यूँ तो वो हर किसी से मिलती है हम से अपनी ख़ुशी से मिलती है, सेज महकी बदन से शर्मा कर ये अदा भी उसी से मिलती है, वो अभी फूल से नहीं मिलती जूहिए की कली से मिलती है, दिन को ये रख-रखाव वाली शक्ल शब को दीवानगी से मिलती है, आज-कल आप की … Read more

हर तरफ़ इम्बिसात है ऐ दिल

har taraf imbisat hai ai dil - हर तरफ़ इम्बिसात है ऐ दिल

हर तरफ़ इम्बिसात है ऐ दिल और तिरे घर में रात है ऐ दिल, इश्क़ इन ज़ालिमों की दुनिया में कितनी मज़लूम ज़ात है ऐ दिल, मेरी हालत का पूछना ही क्या सब तिरा इल्तिफ़ात है ऐ दिल, और बेदार चल कि ये दुनिया शातिरों की बिसात है ऐ दिल, सिर्फ़ उस ने नहीं दिया … Read more