खोने वाले तेरा खोना नहीं देखा जाता

खोने वाले तेरा खोना नहीं देखा जातारोने वाले तेरा रोना नहीं देखा जाता उजड़े वो घर भी जो आमान होते थे तेरेलुटने वाले तेरा लुटना नहीं देखा जाता हाथों से अपने तुझको यूँ जगाते हैं बच्चेसोने वाले तेरा सोना नहीं देखा जाता चलता था कैसे कैसे देखते थे तुझको सबरुकने वाले तेरा रुकना नहीं देखा … Read more

आँखों ने तिरी मुझसे सब बोल दिया है

आँखों ने तिरी मुझसे सब बोल दिया हैआँसू ने हक़ीक़त का दर खोल दिया है आने को बहारें आती हैं दुनिया मेंपर महबूब ने दर्द-ए-ग़म मोल दिया है ग़म भरने लगेंगे पर ये याद रखो तुमबाज़ारू हँसी को सब ने तोल दिया है मरने से कहाँ पूरी होती है मुहब्बतमैंने ज़हर को भी तेरा नाम … Read more

हाथ खुद छुड़ाने से क्या होगा

हाथ खुद छुड़ाने से क्या होगा दूर उससे जाने से क्या होगा तोड़ना है तो फिर महल तोड़ो तुम बस्तियाँ गिराने से क्या होगा लोग टूट जाते हैं लुटा कर घर दर्द बस जताने से क्या होगा ‎‎ख़ासकर ग़रीबी ही परेशाँ है आस भी लगाने से क्या होगा बह गई सियासत सख़्त पानी में हुक्म … Read more

जलती हुई बस्ती को कोई बुझाने नहीं वाला

जलती हुई बस्ती को कोई बुझाने नहीं वाला ढहती हुई मिटटी को कोई उठाने नहीं वाला अपने परों से उड़ना है अब तुझे आसमानों में सहमे हुए दिल को कोई भी सजाने नहीं वाला नाकाम होकर भी उसने दाग़ मुझ पर लगा डाला बढ़ती ‘अदावत को कोई भी घटाने नहीं वाला आओ उसे भी उसका … Read more

सबकी रज़ा बता दे बताने वाले

सबकी रज़ा बता दे बताने वाले दिल मोम का बना दे बनाने वाले हम और कुछ नहीं चाहते हैं तुझसे आँखों चुना दिखा दे दिखाने वाले जो भी किया हमारे लिए तूने सब उसका निशाँ दिखा दे दिखाने वाले हसरत यही रहेगी सदा जीते जी अरमान सब जगा दे जगाने वाले हम कारवाँ बनाकर सफ़र … Read more

कहाँ इक झूठ से रियासत चलती है

कहाँ इक झूठ से रियासत चलती है हसद की गार में सियासत पलती है जहाँ हाकिम चलाने लग जाए अपनी वहाँ फिर दर्द की तिजारत चलती है ज़माने ने अगर हुकूमत को रोका लताड़े से यहाँ फिर फ़िरासत चलती है

उठाने के लिए तूफ़ाँ आया कहाँ से है

उठाने के लिए तूफ़ाँ आया कहाँ से है लुटाने के लिए रिश्वत लाया कहाँ से है तू घर उजाड़ता फिरता है आबिदों के सब जलाने के लिए बस्ती आया कहाँ से है नफ़ा’ तुझको बता कितना अब चाहिए शौकत लुटाने के लिए नफरत आया कहाँ से है तेरा लालच मिटाने को क्या चाहिए आख़िर मचाने … Read more

दिल के समंदर को उठाने का वक़्त आया है

दिल के समंदर को उठाने का वक़्त आया है अपने मसाइल को बताने का वक़्त आया है हमको सिखाना है कि जब कू-ए-यार में हो तो फिर से मोहब्बत को लुटाने का वक़्त आया है ग़म जो तेरी चौखट तले जब आने लगेगा तो फिर से गरीबों को मनाने का वक़्त आया है जब दिल … Read more

हवाओं की तरह तुझको चलना होगा

हवाओं की तरह तुझको चलना होगा मुसीबत के तले तुझको पलना होगा हमारा घर सबा अँधेरे में हैं फिर चराग़ों की तरह तुझको जलना होगा हुकूमत ने दिया था जो, मरहम न था हमारा ज़ख़्म अब तुझको भरना होगा ख़िलाफ़त अब कहीं जाने न देनी है सख़ावत के लिए तुझको लड़ना होगा जलाने पर लगा … Read more