इतनी मुद्दत बाद मिले हो

itni muddat baad mile ho - इतनी मुद्दत बाद मिले हो

इतनी मुद्दत बाद मिले हो किन सोचों में गुम फिरते हो, इतने ख़ाइफ़ क्यूँ रहते हो हर आहट से डर जाते हो, तेज़ हवा ने मुझ से पूछा रेत पे क्या लिखते रहते हो, काश कोई हम से भी पूछे रात गए तक क्यूँ जागे हो, में दरिया से भी डरता हूँ तुम दरिया से … Read more

मुझे अब डर नहीं लगता

मुझे अब डर नहीं लगता - mujhe ab dar nahi lagta

किसी के दूर जाने से तअ’ल्लुक़ टूट जाने से किसी के मान जाने से किसी के रूठ जाने से मुझे अब डर नहीं लगता, किसी को आज़माने से किसी के आज़माने से किसी को याद रखने से किसी को भूल जाने से मुझे अब डर नहीं लगता, किसी को छोड़ देने से किसी के छोड़ … Read more