रास्ते मंज़िलों के नौहागर

raste manzilon ke nauhagar - रास्ते मंज़िलों के नौहागर

रास्ते मंज़िलों के नौहागर मंज़िलें रास्तों के मातम में, ज़िंदगी दम-ब-दम यही तूफ़ाँ तुम हिरासाँ हुए ज़रा दम में, ख़ाक पैरों तले वही लेकिन साँस लेते हैं और आलम में, रात-रानी सा तू महकता है मेरी यादों के सब्ज़ एल्बम में, एक शम-ए-उमीद जैसा तू इस पिघलती हुई शब-ए-ग़म में। Raste Manzilon Ke Nauhagar raste … Read more

भूल जाने को है जहाँ सारा

bhul jaane ko hai jahan sara - भूल जाने को है जहाँ सारा

भूल जाने को है जहाँ सारा याद रखने को इक ख़ुदा है बहुत, है जो पेश-ए-नज़र परे उस से मंज़र इक और दिलरुबा है बहुत, गूँजती आहटें नहीं थमतीं मेरे अंदर कोई रहा है बहुत, गुमरही से है अपनी ना-वाक़िफ़ रास्तों को वो जानता है बहुत, मेरी दीवानगी जलाए चराग़ रौशनी गुम है और हवा … Read more