पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है

patta patta boota boota haal hamara jaane hai

पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है जाने न जाने गुल ही न जाने बाग़ तो सारा जाने है, लगने न दे बस हो तो उस के गौहर-ए-गोश को बाले तक उस को फ़लक चश्म-मह-ओ-ख़ुर की पुतली का तारा जाने है, आगे उस मुतकब्बिर के हम ख़ुदा ख़ुदा किया करते हैं कब मौजूद ख़ुदा … Read more