अंजलि के फूल गिरे जाते हैं

anjali ke fool gire jaate hain - अंजलि के फूल गिरे जाते हैं

अंजलि के फूल गिरे जाते हैं आये आवेश फिरे जाते हैं, चरण-ध्वनि पास-दूर कहीं नहीं साधें आराधनीय रही नहीं उठने,उठ पड़ने की बात रही साँसों से गीत बे-अनुपात रही, बागों में पंखनियाँ झूल रहीं कुछ अपना, कुछ सपना भूल रहीं फूल-फूल धूल लिये मुँह बाँधे किसको अनुहार रही चुप साधे, दौड़ के विहार उठो अमित … Read more