हम सुनाएँगे तुझे अपना फ़साना एक दिन

Hum Sunaenge Tujhe Apna Fasana Ek Din - हम सुनाएँगे तुझे अपना फ़साना एक दिन

हम सुनाएँगे तुझे अपना फ़साना एक दिन यूँ नहीं ऐ ज़िंदगी फ़ुर्सत में आना एक दिन, बात लम्बी वक़्त थोड़ा आँख नम है आप की इस तरह भी क्या ख़बर थी होगा जाना एक दिन, बात आई है ज़बाँ पे अर्ज़ कर दूँ जो कहो हम ने चाहा था तुम्हें अपना बनाना एक दिन, रह … Read more

दिन फ़ुर्सतों के चाँदनी की रात बेच कर

Din Fursaton Ke Chandni Ki Raat Bech Kar - दिन फ़ुर्सतों के चाँदनी की रात बेच कर

दिन फ़ुर्सतों के चाँदनी की रात बेच कर हम कामयाब हो गए जज़्बात बेच कर, हम ने भी पीले कर दिए हैं बेटियों के हाथ थोड़ी बहुत बची थी जो औक़ात बेच कर, मरती है धरती प्यास से रुँधने लगे गले कुछ लोग माला-माल हैं बरसात बेच कर, सोचा है अब ख़रीद लें कुछ चाँद … Read more