वो अजनबी था ग़ैर था किस ने कहा न था

Wo Ajnabi Tha Ghair Tha Kis Ne Kaha Na Tha - वो अजनबी था ग़ैर था किस ने कहा न था

वो अजनबी था ग़ैर था किस ने कहा न था दिल को मगर यक़ीन किसी पर हुआ न था, हम को तो एहतियात-ए-ग़म-ए-दिल अज़ीज़ थी कुछ इस लिए भी कम-निगही का गिला न था, दस्त-ए-ख़याल-ए-यार से फूटे शफ़क़ के रंग नक़्श-ए-क़दम भी रंग-ए-हिना के सिवा न था, ढूँडा उसे बहुत कि बुलाया था जिस ने … Read more

कुछ दिन तो मलाल उस का हक़ था

Kuchh Din to Malal Us Ka Haq Tha - कुछ दिन तो मलाल उस का हक़ था

कुछ दिन तो मलाल उस का हक़ था बिछड़ा तो ख़याल उस का हक़ था, वो रात भी दिन सी ताज़ा रखता शबनम का जमाल उस का हक़ था, वो तर्ज़-ए-बयाँ में चाँदनी था तारों से विसाल उस का हक़ था, था उस का ख़िराम मौज-ए-दरिया लहरों का जलाल उस का हक़ था, बारिश का … Read more