फिर मिरी राह में खड़ी होगी

Phir Meri Rah Mein Khadi Hogi - फिर मिरी राह में खड़ी होगी

फिर मिरी राह में खड़ी होगी वही इक शय जो अजनबी होगी, शोर सा है लहू के दरिया में किस की आवाज़ आ रही होगी, फिर मिरी रूह मेरे घर का पता मेरे साए से पूछती होगी, कुछ नहीं मेरी ज़र्द आँखों में डूबते दिन की रौशनी होगी, रात भर दिल से बस यही बातें … Read more

बने-बनाए से रस्तों का सिलसिला निकला

Bane-Banae Se Raston Ka Silsila Nikla - बने-बनाए से रस्तों का सिलसिला निकला

बने-बनाए से रस्तों का सिलसिला निकला नया सफ़र भी बहुत ही गुरेज़-पा निकला, न जाने किस की हमें उम्र भर तलाश रही जिसे क़रीब से देखा वो दूसरा निकला, हमें तो रास न आई किसी की महफ़िल भी कोई ख़ुदा कोई हम-साया-ए-ख़ुदा निकला, हज़ार तरह की मय पी हज़ार तरह के ज़हर न प्यास ही … Read more