वर्षा – कमला दास (माधविकुट्टी)

varsha - वर्षा

हम लोगों ने उस पुराने घर को छोड़ दिया जब मेरा कुत्ता वहाँ मर गया, उसे दफ़नाने के बाद दो-दो बार खिले गुलाब को जल्दी में जड़ों से उखाड़कर अपनी क़िताबों, कपड़ों और कुर्सियों के साथ लादने के बाद हम एक नए घर में रहते हैं अब, और,इसकी छत नहीं रिसती, लेकिन जब बारिश होती … Read more

उन्माद एक ऐसा देश है

unmaad ek aisa desh hai - उन्माद एक ऐसा देश है

उन्माद एक ऐसा देश है यहीं कहीं तुम्हारे आस-पास ही जिसके कगार सदा अन्धियारे रहते हैं, पर जब कभी निराशा की नौका तुम्हें ठेलकर अन्धेरे कगारों तक ले जाती है तो उन कगारों पर तैनात पहरेदार पहले तो तुम्हें निर्वसन होने का आदेश देते हैं तुम कपड़े उतार देते हो तो वे कहते हैं, अपना … Read more