उसे हर ख़ार-ओ-गुल प्यारा लगे है

Use Har Khar-O-Gul Pyara Lage Hai - उसे हर ख़ार-ओ-गुल प्यारा लगे है

उसे हर ख़ार-ओ-गुल प्यारा लगे है ये दिल कम्बख़्त आवारा लगे है, सुख़न ‘आजिज़’ का क्यों प्यारा लगे है ये कोई दर्द का मारा लगे है, खिलाए हैं वो गुल ज़ख़्मों ने उस के हसीं जिन से चमन सारा लगे है, लगे है फूल सुनने में हर इक शेर समझ लेने पे अंगारा लगे है, … Read more

मेरे ही लहू पर गुज़र-औक़ात करो हो

Mere Hi Lahu Par Guzar-Auqat Karo Ho - मेरे ही लहू पर गुज़र-औक़ात करो हो

मेरे ही लहू पर गुज़र-औक़ात करो हो मुझ से ही अमीरों की तरह बात करो हो, दिन एक सितम एक सितम रात करो हो वो दोस्त हो दुश्मन को भी तुम मात करो हो, हम ख़ाक-नशीं तुम सुख़न-आरा-ए-सर-ए-बाम पास आ के मिलो दूर से क्या बात करो हो, हम को जो मिला है वो तुम्हीं … Read more