नाम बड़े दर्शन छोटे

Naam Bade Darshan Chote - नाम बड़े दर्शन छोटे

नाम-रूप के भेद पर कभी किया है गौर? नाम मिला कुछ और तो, शक्ल-अक्ल कुछ और शक्ल-अक्ल कुछ और, नैनसुख देखे काने बाबू सुंदरलाल बनाए ऐंचकताने कहं ‘काका’ कवि, दयारामजी मारे मच्छर विद्याधर को भैंस बराबर काला अक्षर, मुंशी चंदालाल का तारकोल-सा रूप श्यामलाल का रंग है, जैसे खिलती धूप जैसे खिलती धूप, सजे बुश्शर्ट … Read more