ये जो सर नीचे किए बैठे हैं

Ye Jo Sar Niche Kiye Baithe Hain - ये जो सर नीचे किए बैठे हैं

ये जो सर नीचे किए बैठे हैं जान कितनों की लिए बैठे हैं, जान हम सब्ज़ा-ए-ख़त पर दे कर ज़हर के घोंट पिए बैठे हैं, दिल को हम ढूँडते हैं चार तरफ़ और यहाँ आप लिए बैठे हैं, वाइज़ो छेड़ो न रिंदों को बहुत ये समझ लो कि पिए बैठे हैं, गोशे आँचल के तिरे … Read more

निगाह बर्क़ नहीं चेहरा आफ़्ताब नहीं

Nigah Barq Nahin Chehra Aaftab Nahin - निगाह बर्क़ नहीं चेहरा आफ़्ताब नहीं

निगाह बर्क़ नहीं चेहरा आफ़्ताब नहीं वो आदमी है मगर देखने की ताब नहीं, गुनह गुनह न रहा इतनी बादा-नोशी की अब एक शग़्ल है कुछ लज़्ज़त-ए-शराब नहीं, हमें तो दूर से आँखें दिखाई जाती हैं नक़ाब लिपटी है उस पर कोई इताब नहीं, पिए बग़ैर चढ़ी रहती है हसीनों को वहाँ शबाब है क्या … Read more