अब मैं हूँ आप एक तमाशा बना हुआ

Ab Main Hun Aap Ek Tamasha Bana Hua - अब मैं हूँ आप एक तमाशा बना हुआ

अब मैं हूँ आप एक तमाशा बना हुआ गुज़रा ये कौन मेरी तरफ़ देखता हुआ, कैफ़-ए-ग़म-ए-फ़िराक़ की लज़्ज़त जिसे मिली हासिल उसे विसाल नहीं है तो क्या हुआ, ख़ाशाक-ए-ज़िंदगी तो मिला उस के साथ साथ तेरा करम कि दर्द का शोला अता हुआ, दर तक तिरे ख़ुदी ने न आने दिया जिसे आँखों से अश्क … Read more

जल्वा तिरा इस तरह से नाकाम न होता

Jalwa Tera Is Tarah Se Nakaam Na Hota - जल्वा तिरा इस तरह से नाकाम न होता

जल्वा तिरा इस तरह से नाकाम न होता हम तूर पे होते तो ये अंजाम न होता, सुनता मैं कहाँ वाइज़-ए-नादाँ की नसीहत गर वाज़-ओ-नसीहत में तिरा नाम न होता, ग़ुंचे की चटक दिल की तहों में न उतरती इस में जो नहुफ़्ता तिरा पैग़ाम न होता, ये रिज़्क़ की है कोर-निगाही की नहीं बात … Read more