वहशत के साथ दश्त मिरी जान चाहिए

Wahshat Ke Sath Dasht Meri Jaan Chahiye - वहशत के साथ दश्त मिरी जान चाहिए

वहशत के साथ दश्त मिरी जान चाहिए इस ऐश के लिए सर-ओ-सामान चाहिए, कुछ इश्क़ के निसाब में कमज़ोर हम भी हैं कुछ पर्चा-ए-सवाल भी आसान चाहिए, तुझ को सुपुर्दगी में सिमटना भी है ज़रूर सच्चा है कारोबार तो नुक़सान चाहिए, अब तक किस इंतिज़ार में बैठे हुए हैं लोग उम्मीद के लिए कोई इम्कान … Read more

चराग़ देने लगेगा धुआँ न छू लेना

Charagh Dene Lagega Dhuan Na Chhu Lena - चराग़ देने लगेगा धुआँ न छू लेना

चराग़ देने लगेगा धुआँ न छू लेना तू मेरा जिस्म कहीं मेरी जाँ न छू लेना, ज़मीं छुटी तो भटक जाओगे ख़लाओं में तुम उड़ते उड़ते कहीं आसमाँ न छू लेना, नहीं तो बर्फ़ सा पानी तुम्हें जला देगा गिलास लेते हुए उँगलियाँ न छू लेना, हमारे लहजे की शाइस्तगी के धोके में हमारी बातों … Read more