लब पे आई हुई ये जान फिरे

lab pe aai hui ye jaan phire - लब पे आई हुई ये जान फिरे

लब पे आई हुई ये जान फिरे यार गर इस तरफ़ को आन फिरे, चैन क्या हो हमें जब आठ पहर अपने आँखों में वो जवान फिरे, ख़ून-ए-आशिक़ छुटा कि है लाज़िम तेरे तलवार पर ये सान फिरे, साक़िया आज जाम-ए-सहबा पर क्यूँ न लहराती अपनी जान फिरे, हिचकियाँ ली है इस तरह बत-ए-मय जिस … Read more

है तिरा गाल माल बोसे का

hai tera gal mal bose ka - है तिरा गाल माल बोसे का

है तिरा गाल माल बोसे का क्यूँ न कीजे सवाल बोसे का, मुँह लगाते ही होंठ पर तेरे पड़ गया नक़्श लाल बोसे का, ज़ुल्फ़ कहती है उस के मुखड़े पर हम ने मारा है जाल बोसे का, सुब्ह रुख़्सार उस के नीले थे शब जो गुज़रा ख़याल बोसे का, अँखड़ियाँ सुर्ख़ हो गईं चट … Read more