ज़मीनों में सितारे बो रहा हूँ

Zaminon Mein Sitare Bo Raha Hun - ज़मीनों में सितारे बो रहा हूँ

ज़मीनों में सितारे बो रहा हूँ मुझे हरगिज़ न कहना रो रहा हूँ, गवाही दें समुंदर चाँद साहिल अकेला हूँ कभी मैं दो रहा हूँ, उसे लौटा दिया मैं ने ये कह कर अभी जाओ अभी मैं सो रहा हूँ, मोहब्बत की कहानी भी अजब है जिसे पाया नहीं था खो रहा हूँ, पुराने पर … Read more

विसाल-ओ-हिज्र के जंजाल में पड़ा हुआ हूँ

Visal-O-Hijr Ke Janjal Mein Pada Hua Hun - विसाल-ओ-हिज्र के जंजाल में पड़ा हुआ हूँ

विसाल-ओ-हिज्र के जंजाल में पड़ा हुआ हूँ में अर्श-ए-रौ कहाँ पाताल में पड़ा हुआ हूँ, वही घुटन, वही मामूल ज़िंदगी, वही ग़म कहाँ मैं जश्न नए साल में पड़ा हुआ हूँ, यहाँ से निकलूँ किसी और का शिकार बनूँ इसी लिए तो तिरे जाल में पड़ा हुआ हूँ, गरेबाँ चाक, धुआँ, जाम, हाथ में सिगरेट … Read more