टूटा हुआ इंसान

toota hua insaan - टूटा हुआ इंसान

(मुक्तिबोध का शव देखने की स्मृति) …और उसकी चेतना जब जगी मौजों के थपेड़े लग रहे थे आर-पार-विहीन पारावार में वह आ पड़ा था किंतु वह दिल का कड़ा था फाड़ कर जबड़े हड़पने को तरंगो पर तरंगे उठ रही थीं फेन मुख पर मार कर अंधा बनातीं बधिर कर, दिगविदारी क्रूर ध्वनियों में ठठाती … Read more