रोकेंगे हादिसे मगर चलना न छोड़ना

Rokengen Haadise Magar Chalna Na Chhodna - रोकेंगे हादिसे मगर चलना न छोड़ना

रोकेंगे हादिसे मगर चलना न छोड़ना हाथों से तुम उम्मीद का रिश्ता न छोड़ना, झेली बहुत है अब के बरस जेठ की तपन बादल, किसी के खेत को प्यासा न छोड़ना, ले जाएगी उड़ा के हवा धुंध का पहाड़ शिकवे भी हों तो मिलना-मिलाना न छोड़ना, तुम फूल हो, सुगंध उड़ाते रहो यूँ ही औरों … Read more

रोशनी बनकर पिघलता है उजाले के लिए

Roshni Bankar Pighalta Hai Ujaale ke Liye - रोशनी बनकर पिघलता है उजाले के लिए

रोशनी बनकर पिघलता है उजाले के लिए शम्अ जल जाती है घर को जगमगाने के लिए, हमने अपनों के लिए भी मूँद रक्खा है मकाँ पेड़ की बाहें खुली हैं हर परिंदे के लिए, प्रेम हो, अपनत्व हो, सहयोग हो, सेवा भी हो सिर्फ़ पैसा ही नहीं, हर बार जीने के लिए, जितने भी काँटे … Read more