दोस्ती अपनी जगह और दुश्मनी अपनी जगह

Dosti Apni Jagah Aur Dushmani Apni Jagah - दोस्ती अपनी जगह और दुश्मनी अपनी जगह

दोस्ती अपनी जगह और दुश्मनी अपनी जगह फ़र्ज़ के अंजाम देने की ख़ुशी अपनी जगह, हम तो सरगर्म-ए-सफ़र हैं और रहेंगे उम्र भर मंज़िलें अपनी जगह आवारगी अपनी जगह, पत्थरों के देस में शीशे का है अपना वक़ार देवता अपनी जगह और आदमी अपनी जगह, ज्ञान माना है बड़ा भक्ती भी लेकिन कम नहीं आगही … Read more

माहौल साज़गार करो मैं नशे में हूँ

Mahaul Sazgar Karo Main Nashe Mein Hun - माहौल साज़गार करो मैं नशे में हूँ

माहौल साज़गार करो मैं नशे में हूँ ज़िक्र-ए-निगाह-ए-यार करो मैं नशे में हूँ, ऐ गर्दिशो तुम्हें ज़रा ताख़ीर हो गई अब मेरा इंतिज़ार करो मैं नशे में हूँ, मैं तुम को चाहता हूँ तुम्हीं पर निगाह है ऐसे में ए’तिबार करो मैं नशे में हूँ, ऐसा न हो कि सख़्त का हो सख़्त-तर जवाब यारो … Read more