सर में सौदा भी नहीं दिल में तमन्ना भी नहीं

Sar Mein Sauda Bhi Nahi Dil Mein Tamanna Bhi Nahi - सर में सौदा भी नहीं दिल में तमन्ना भी नहीं

सर में सौदा भी नहीं दिल में तमन्ना भी नहीं लेकिन इस तर्क-ए-मोहब्बत का भरोसा भी नहीं, दिल की गिनती न यगानों में न बेगानों में लेकिन उस जल्वा-गह-ए-नाज़ से उठता भी नहीं, मेहरबानी को मोहब्बत नहीं कहते ऐ दोस्त आह अब मुझ से तिरी रंजिश-ए-बेजा भी नहीं, एक मुद्दत से तिरी याद भी आई … Read more

सितारों से उलझता जा रहा हूँ

sitaron se ulajhta ja raha hun

सितारों से उलझता जा रहा हूँ शब-ए-फ़ुरक़त बहुत घबरा रहा हूँ, तेरे ग़म को भी कुछ बहला रहा हूँ जहाँ को भी समझा रहा हूँ, यक़ीं ये है हक़ीक़त खुल रही है गुमाँ ये है कि धोखे खा रहा हूँ, अगर मुमकिन हो ले ले अपनी आहट ख़बर दो हुस्न को मैं आ रहा हूँ, … Read more