इश्क़ को तक़लीद से आज़ाद कर

Ishq Ko Taqlid Se Aazad Kar - इश्क़ को तक़लीद से आज़ाद कर

इश्क़ को तक़लीद से आज़ाद कर दिल से गिर्या आँख से फ़रियाद कर, बाज़ आ ऐ बंदा-ए-हुस्न-ए-मजाज़ यूँ न अपनी ज़िंदगी बर्बाद कर, ऐ ख़यालों के मकीं नज़रों से दूर मेरी वीराँ ख़ल्वतें आबाद कर, नज़अ में हिचकी नहीं आई मुझे भूलने वाले ख़ुदा-रा याद कर, हुस्न को दुनिया की आँखों से न देख अपनी … Read more

यूँ न मिल मुझ से ख़फ़ा हो जैसे

Yun Na Mil Mujh Se Khafa Ho Jaise - यूँ न मिल मुझ से ख़फ़ा हो जैसे

यूँ न मिल मुझ से ख़फ़ा हो जैसे साथ चल मौज-ए-सबा हो जैसे, लोग यूँ देख के हँस देते हैं तू मुझे भूल गया हो जैसे, इश्क़ को शिर्क की हद तक न बढ़ा यूँ न मिल हम से ख़ुदा हो जैसे, मौत भी आई तो इस नाज़ के साथ मुझ पे एहसान किया हो … Read more