आज वीरान अपना घर देखा

आज वीरान अपना घर देखा - aaj viran apna ghar dekha

आज वीरान अपना घर देखा तो कई बार झाँक कर देखा, पाँव टूटे हुए नज़र आये एक ठहरा हुआ सफ़र देखा, होश में आ गए कई सपने आज हमने वो खँडहर देखा, रास्ता काट कर गई बिल्ली प्यार से रास्ता अगर देखा, नालियों में हयात देखी है गालियों में बड़ा असर देखा, उस परिंदे को … Read more

वो आदमी नहीं है मुकम्मल बयान है

Wo Aadmi Nahin Hai Mukammal Bayan Hai

वो आदमी नहीं है मुकम्मल बयान है माथे पे उसके चोट का गहरा निशान है वे कर रहे हैं इश्क़ पे संजीदा गुफ़्तगू मैं क्या बताऊँ मेरा कहीं और ध्यान है सामान कुछ नहीं है फटेहाल है मगर झोले में उसके पास कोई संविधान है उस सिरफिरे को यों नहीं बहला सकेंगे आप वो आदमी … Read more