तितली से दोस्ती न गुलाबों का शौक़ है

Titli Se Dosti Na Gulabon Ka Shauq Hai - तितली से दोस्ती न गुलाबों का शौक़ है

तितली से दोस्ती न गुलाबों का शौक़ है मेरी तरह उसे भी किताबों का शौक़ है, वर्ना तो नींद से भी नहीं कोई ख़ास रब्त आँखों को सिर्फ़ आप के ख़्वाबों का शौक़ है, हम आशिक़-ए-ग़ज़ल हैं तो मग़रूर क्यों न हों आख़िर ये शौक़ भी तो नवाबों का शौक़ है, उस शख़्स के फ़रेब … Read more

चमन में कौन बबूलों की डाल खींचता है

Chaman Mein Kaun Babulon Ki Dal Khinchta Hai - चमन में कौन बबूलों की डाल खींचता है

चमन में कौन बबूलों की डाल खींचता है यहाँ जो आता है फूलों के गाल खींचता है, वो तीर बाद में पहले सवाल खींचता है सवाल भी जो समाअ’त की खाल खींचता है, ऐ प्यार बाँटने वाले मैं ख़ूब जानता हूँ कि कितनी देर में मछवारा जाल खींचता है, निकल भी सकता हूँ क़ैद-ए-तख़य्युलात से … Read more