न अपने ज़ब्त को रुस्वा करो सता के मुझे

na apne zabt ko ruswa karo sata ke mujhe - न अपने ज़ब्त को रुस्वा करो सता के मुझे

न अपने ज़ब्त को रुस्वा करो सता के मुझे ख़ुदा के वास्ते देखो न मुस्कुरा के मुझे, सिवाए दाग़ मिला क्या चमन में आ के मुझे क़फ़स नसीब हुआ आशियाँ बना के मुझे, अदब है मैं जो झुकाए हुए हूँ आँख अपनी ग़ज़ब है तुम जो न देखो नज़र उठा के मुझे, इलाही कुछ तो … Read more

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

sarfaroshi ki tamanna ab hamare dil mein hai - सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है, ऐ शहीद-ए-मुल्क-ओ-मिल्लत मैं तिरे ऊपर निसार ले तिरी हिम्मत का चर्चा ग़ैर की महफ़िल में है, वाए क़िस्मत पाँव की ऐ ज़ोफ़ कुछ चलती नहीं कारवाँ अपना अभी तक पहली ही मंज़िल में है, रहरव-ए-राह-ए-मोहब्बत रह न जाना राह में … Read more