नाले में कभी असर न आया

Nale Mein Kabhi Asar Na Aaya - नाले में कभी असर न आया

नाले में कभी असर न आया इस नख़्ल में कुछ समर न आया, अल्लाह-री मेरी बे-क़रारी चैन उन को भी रात भर न आया, कहता हूँ कि आ ही जाएगा सब्र ये फ़िक्र भी है अगर न आया, ग़फ़लत के पड़े हुए थे पर्दे वो पास रहा नज़र न आया, आँखों से हुआ जो कोई … Read more

आह करना दिल-ए-हज़ीं न कहीं

Aah Karna Dil-E-Hazin Na Kahin - आह करना दिल-ए-हज़ीं न कहीं

आह करना दिल-ए-हज़ीं न कहीं आग लग जाएगी कहीं न कहीं, मिरे दिल से निकल के दुनिया में चैन से हसरतें रहीं न कहीं, बे-हिजाबी निगाह-ए-उल्फ़त की देखे वो शर्मगीं कहीं न कहीं, आ गए लब पे दिल-नशीं नाले जा ही पहुँचेंगे अब कहीं न कहीं, हम समझते हैं हज़रत-ए-‘बेख़ुद’ चोट खा आए हो कहीं … Read more