वो माहताब अभी बाम पर नहीं आया

Wo Mahtab Abhi Baam Par Nahin Aaya - वो माहताब अभी बाम पर नहीं आया

वो माहताब अभी बाम पर नहीं आया मिरी दुआओं में शायद असर नहीं आया, बहुत अजीब है यारों बुलंदियों का तिलिस्म जो एक बार गया लौट कर नहीं आया, ये काएनात की वुसअत खुली नहीं मुझ पर मैं अपनी ज़ात से जब तक गुज़र नहीं आया, बहुत दिनों से है बे-शक्ल सी मेरी मिट्टी बहुत … Read more

मुझ को वहशत हुई मिरे घर से

Mujhko Wahshat Hui Mere Ghar Se - मुझ को वहशत हुई मिरे घर से

मुझ को वहशत हुई मिरे घर से रात तेरी जुदाई के डर से, तेरी फ़ुर्क़त का हब्स था अंदर और दम घुट रहा था बाहर से, जिस्म की आग बुझ गई लेकिन फिर नदामत के अश्क भी बरसे, एक मुद्दत से हैं सफ़र में हम घर में रह कर भी जैसे बेघर से, बार-हा तेरी … Read more