गीत नया गाता हूँ

गीत नया गाता हूँ - geet naya gaata hun

गीत नया गाता हूँ, टूटे हुए तारों से फूटे बासंती स्वर पत्थर की छाती मे उग आया नव अंकुर झरे सब पीले पात कोयल की कुहुक रात, प्राची मे अरुणिम की रेख देख पता हूँ गीत नया गाता हूँ, टूटे हुए सपनों की कौन सुने सिसकी अन्तर की चीर व्यथा पलको पर ठिठकी हार नहीं … Read more

गीत नहीं गाता हूँ

geet nahi gata hu - गीत नहीं गाता हूँ

गीत नहीं गाता हूँ, बेनक़ाब चेहरे हैं दाग़ बड़े गहरे हैं टूटता तिलिस्म आज सच से भय खाता हूँ गीत नहीं गाता हूँ लगी कुछ ऐसी नज़र बिखरा शीशे सा शहर, अपनों के मेले में मीत नहीं पाता हूँ गीत नहीं गाता हूँ, पीठ मे छुरी सा चांद राहू गया रेखा फांद मुक्ति के क्षणों … Read more