तेरी यादें बहाल रखती है

teri yaaden bahaal rakhti hai - तेरी यादें बहाल रखती है

तेरी यादें बहाल रखती है रात दिल पर वबाल रखती है, शब-ए-ग़म की ये रागनी बन में बाँसुरी जैसी ताल रखती है, दिल की वादी से उठने वाली किरन वहशतों को उजाल रखती है, बाम-ओ-दर पर उतरने वाली धूप सब्ज़ रंग-ए-मलाल रखती है, शाम खुलती है तेरे आने से लब पे तेरा सवाल रखती है, … Read more

हमें भी मुस्कुराना चाहिए था

hamein bhi muskurana chahiye tha - हमें भी मुस्कुराना चाहिए था

हमें भी मुस्कुराना चाहिए था मगर कोई बहाना चाहिए था, मोहब्बत रेल की पटरी नहीं थी कहीं तो मोड़ आना चाहिए था, तिरे काँधे पे रख कर सर किसी दिन हमें भी भूल जाना चाहिए था, मिरी लग़्ज़िश ख़ुदा से क्यूँ शिकायत अरे मुझ को बताना चाहिए था, ये तुम ने ख़ुद को पत्थर कर … Read more