क्या बताऊँ कि किस गुमान में हूँ

kya bataun ki kis guman mein hun - क्या बताऊँ कि किस गुमान में हूँ

क्या बताऊँ कि किस गुमान में हूँ मुस्तक़िल एक इम्तिहान में हूँ, आबला-पा हूँ और सफ़र में हूँ पर-बुरीदा हूँ और उड़ान में हूँ, ख़ुद-सरी रख के शाहज़ादी सी कुछ कनीज़ों के दरमियान में हूँ, तू कि तूफ़ाँ मुझे समझ बैठा ग़ौर से देख बादबान में हूँ, आप ने ख़त नहीं लिखा वर्ना मैं तो … Read more

क्या ज़रूरी है शाएरी की जाए

kya zaruri hai shayari ki jae - क्या ज़रूरी है शाएरी की जाए

क्या ज़रूरी है शाएरी की जाए दिल जला कर ही रौशनी की जाए, बाज़ चेहरे बहुत हसीन सही फिर भी कितनों से दोस्ती की जाए, इक मुसलसल शिकस्त का एहसास ऐसी ख़्वाहिश न फिर कभी की जाए, ये मोहब्बत के जो तक़ाज़े हैं इन तक़ाज़ों में कुछ कमी की जाए, अब भी कुछ लोग ये … Read more